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मिट्टी से लिखी जा रही है स्यानाचट्टी में निर्माणाधीन वैली ब्रिज की तकदीर! 

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

बड़कोट uttarkashi: चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित स्यानाचट्टी में एक बार फिर घटिया निर्माण कार्य का मामला सामने आया है। यहां निर्माणाधीन वैली ब्रिज के निर्माण में तय मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

पुल के दोनों एबटमेंट की सुरक्षा के लिए जहां कंक्रीट की पक्की दीवारें, पत्थरों की क्रेट वॉल, बोल्डर पिचिंग या सुरक्षा दीवार बनाई जानी थी, वहां सिर्फ मिट्टी और बोल्डर भरकर खानापूर्ति की जा रही है! यहां नदी के तेज बहाव के ठीक बगल में डंपर से सीधे मिट्टी और पत्थर गिराए जा रहे हैं। बरसात में पानी का स्तर बढ़ते ही यह मिट्टी बह जाएगी और पुल के धंसने का खतरा पैदा हो जाएगा। जहां से रोजाना हजारों स्थानीय वाहनों और देश-विदेश के तीर्थयात्रियों ने गुजरना है, वहां ऐसी जानलेवा लापरवाही को आखिर क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है?

कंक्रीट की पक्की दीवार की जगह भरी जा रही मिट्टी

स्यानाचट्टी में बन रहे इस महत्वपूर्ण वैली ब्रिज के दोनों एबटमेंट (पुल के छोर) की सुरक्षा को लेकर बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया जा रहा है। तकनीकी नियमों के अनुसार, पुल के दोनों छोरों पर मिट्टी को खिसकने से रोकने के लिए कंक्रीट की पक्की दीवारें बनाई जानी अनिवार्य थीं। इसके अलावा, एबटमेंट के आसपास पानी के तेज बहाव से सुरक्षा के लिए पत्थरों की क्रेट वॉल, बोल्डर पिचिंग या कंक्रीट की मजबूत सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाना था। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। यहां पक्के और सुरक्षित निर्माण कार्य की जगह सीधे मिट्टी और बोल्डर भरकर खानापूर्ति की जा रही है। निर्माण एजेंसी द्वारा इस महत्वपूर्ण कार्य की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। नदी के तेज बहाव के बिल्कुल नजदीक इस तरह मिट्टी का भराव करना किसी बड़े हादसे को न्यौता देने जैसा है। बरसात के सीजन में पानी का स्तर बढ़ते ही इस मिट्टी के बहने और पुल के धंसने का खतरा सीधे तौर पर बना हुआ है।

यमुनोत्री क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता महाबीर पंवार ‘माही’ ने इस घटिया निर्माण कार्य पर कड़ा आक्रोश जताते हुए सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस मार्ग पर देश-विदेश से आने वाले हजारों वाहनों और यात्रियों का दबाव रहेगा, वहां निर्माण कार्य में ऐसी जानलेवा लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामाजिक कार्यकर्ता ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि समय रहते कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया और मानकों के अनुसार पक्की सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई, तो वे जनता के साथ मिलकर इसके खिलाफ आंदोलन को बाध्य होंगे।

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