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पुरोला में बिजली संकट को लेकर फूटा जनआक्रोश, व्यापारियों ने सांकेतिक चक्काजाम कर डीएम को भेजा ज्ञापन

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

​पुरोला,uttarkashi: उत्तरकाशी जिले के सीमांत विकास खंडों—पुरोला, नौगांव और मोरी में पिछले कई दिनों से जारी अनियंत्रित और अघोषित विद्युत कटौती ने स्थानीय निवासियों और व्यापारी वर्ग का जीना दूभर कर दिया है। विद्युत विभाग की लापरवाही और बदहाल कार्यप्रणाली से नाराज ‘नगर उद्योग व्यापार मण्डल पुरोला’ के व्यापारियों ने आज सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश डबराल के नेतृत्व में सड़कों पर उतरकर सांकेतिक चक्काजाम कर प्रदर्शन किया।

सड़कों पर गूंजे नारे, बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन

​प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हल्की सी बरसात होते ही क्षेत्र में पोल गिर जाते हैं और बिजली आपूर्ति घंटों तक ठप हो जाती है। आक्रोशित जनता ने सवाल उठाया कि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के बावजूद बिजली व्यवस्था सुचारू रहती है, तो फिर उत्तरकाशी के इन इलाकों में मामूली बारिश में ही तंत्र क्यों चरमरा जाता है?

ठप पड़ा जनजीवन, व्यापार पर संकट

​लगातार घंटों हो रही बिजली कटौती के कारण क्षेत्र की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है:

​पेयजल योजनाएं प्रभावित: बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति बुरी तरह बाधित हो रही है।

​स्वास्थ्य सेवाएं संकट में: स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों का इलाज करने और आपातकालीन सेवाएं देने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

​बच्चों की पढ़ाई पर असर: अघोषित कटौती से स्कूली बच्चों और परीक्षार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

​व्यापार चौपट: बार-बार कटती बिजली के कारण स्थानीय बाजार की व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गई हैं।

जिलाधिकारी को भेजा ज्ञापन

​सांकेतिक चक्काजाम के बाद प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि विद्युत विभाग को तुरंत उचित कदम उठाने और तीनों विकास खंडों (पुरोला, नौगांव और मोरी) में बाधित विद्युत आपूर्ति को जल्द से जल्द सुचारू रूप से बहाल करने के सख्त निर्देश दिए जाएं। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकाला गया, तो क्षेत्रीय जनता और व्यापारी उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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