उत्तराखंडगुलदार का आतंकपुलिसपौड़ीवन विभाग

पौड़ी गढ़वाल में गुलदार का आतंक: घास काटने गई महिला को उतारा मौत के घाट, ग्रामीणों में भारी आक्रोश!

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

पौड़ी: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला पौड़ी जिले के नैनीडांडा विकासखंड से सामने आया है, जहाँ शनिवार सुबह गुलदार के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है।

घास काटने गई महिला को बनाया निवाला

मिली जानकारी के अनुसार, नैनीडांडा विकासखंड के अंतर्गत पट्टी बिजलौट की ग्राम सभा बणासी तल्ली में यह हृदयविदारक घटना हुई। शनिवार सुबह गांव की दो महिलाएं, सुशीला देवी (उम्र लगभग 52 वर्ष) और शांति देवी, हमेशा की तरह गांव के ऊपरी हिस्से में जंगल की तरफ घास काटने गई थीं। दोनों महिलाएं अभी काम में जुटी ही थीं कि तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे आदमखोर गुलदार ने अचानक सुशीला देवी पर जानलेवा हमला बोल दिया।

सहेली ने बहादुरी से मचाया शोर, पर नहीं बची जान

गुलदार को हमला करते देख साथ मौजूद शांति देवी ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी सहेली की जान बचाने के लिए जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ तुरंत मौके की तरफ दौड़े। लेकिन जब तक ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचे, तब तक गुलदार महिला को बुरी तरह लहूलुहान कर मौत के घाट उतार चुका था। ग्रामीणों के भारी हुजूम और शोर शराबे को देखकर गुलदार शव को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।

ग्रामीणों में भारी आक्रोश, गश्त और पिंजरा लगाने की मांग

इस दर्दनाक हादसे के बाद से बणासी तल्ली और आसपास के गांवों में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की आवाजाही बनी हुई थी, लेकिन विभाग ने समय रहते कदम नहीं उठाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में तुरंत वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाए और आदमखोर हो चुके इस गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी किसी अनहोनी को रोका जा सके।

घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है।

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