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चमोली: नीती घाटी के तमक नाले में उफान, चीन सीमा को जोड़ने वाला वैली ब्रिज बहा; 12 गांव और सेना की चौकियां कटीं, BRO कर्मचारी लापता

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

​जोशीमठ, Chamoli: चमोली जिले में नीति घाटी के ऊपरी इलाकों में हुई अतिवृष्टि से तमक नाले में भारी तबाही मची है। जोशीमठ से लगभग 37 किलोमीटर दूर स्थित तमक नाले के अचानक उफान पर आने से चीन सीमा को जोड़ने वाला नवनिर्मित वैली ब्रिज पानी के तेज बहाव में बह गया। हादसे में पुल के पास काम कर रहा सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक कर्मचारी लापता हो गया है।

​घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को तत्काल मौके के लिए रवाना कर दिया गया है।

कुछ सेकंड में तिनके की तरह बहा वैली ब्रिज

​नीती घाटी में सोमवार सुबह से हो रही तेज बारिश के बाद तमक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। सुबह नाले में उफान आने के बाद पानी पुल तक पहुंच गया था, लेकिन कुछ समय बाद जलस्तर कम होने पर बीआरओ कर्मचारी पुल से मलबे और कचरे को हटाकर यातायात बहाल करने की कोशिश कर रहे थे।

​हालांकि, शाम करीब चार बजे ऊपरी क्षेत्र में हुई भारी अतिवृष्टि के कारण नाले में दूसरी बार अचानक विकराल उफान आया। पानी का बहाव इतना तेज था कि महज कुछ ही सेकंड में वैली ब्रिज बह गया। इसी दौरान पास ही कार्य कर रहा बीआरओ का एक कर्मचारी भी नाले की चपेट में आकर लापता हो गया।

12 सीमांत गांवों का संपर्क टूटा, सेना व ITBP की आवाजाही ठप

​बैली ब्रिज के बह जाने से चीन सीमा से सटे नीती घाटी केजेलम, जुम्मा, मलारी,फरकिया, बाम्पा, गमशाली, नीती, कैलाशपुर, द्रोणागिरी, गरपक और अन्य सीमांत गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और शेष दुनिया से पूरी तरह कट गया है।

सामरिक दृष्टि से बड़ा झटका:

नीती घाटी के इन सीमांत इलाकों में भारतीय सेना और आईटीबीपी (ITBP) की कई महत्वपूर्ण अग्रिम चौकियां स्थित हैं। पुल टूटने के कारण इन चौकियों तक सेना और सुरक्षा बलों की आवाजाही भी पूरी तरह ठप हो गई है।

सालभर में दूसरी बार तबाही, एक महीने पहले ही बना था ब्रिज

तमक नाला उच्च हिमालयी क्षेत्र से निकलता है और अतिवृष्टि के दौरान अचानक विकराल रूप धारण कर लेता है।

• ​पिछला हादसा: पिछले वर्ष भी इसी नाले में आए उफान के कारण यहां बना पक्का पुल बह गया था। इसके बाद ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी आवाजाही शुरू की गई थी।

• ​हालिया निर्माण: बीआरओ ने स्थिति की गंभीरता और सामरिक महत्व को देखते हुए करीब एक महीने पहले ही यहां नया वैली ब्रिज तैयार किया था, जो अब दोबारा बह चुका है।

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