स्वतंत्रता दिवस पर उत्तराखंड की महिलाओं को मिल सकता है बड़ा तोहफा: रोडवेज की बसों में मुफ्त सफर की तैयारी

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
Dehradun: स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के अवसर पर उत्तराखंड सरकार प्रदेश की महिलाओं को एक बड़ा तोहफा देने की योजना बना रही है। उत्तराखंड परिवहन निगम (रोडवेज) की साधारण बसों में राज्य की महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिल सकती है। इस संबंध में रोडवेज प्रबंधन ने शासन (उत्तराखंड सरकार) को आधिकारिक प्रस्ताव भेज दिया है।
प्रस्ताव के मुख्य बिंदु और औचित्य
• मातृशक्ति का योगदान: राज्य निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका रही है। ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में महिलाओं का जीवन संघर्षपूर्ण है और आय के साधन सीमित हैं।
• आर्थिक बोझ से राहत: पर्वतीय क्षेत्रों की महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय बाजारों और सरकारी सेवाओं तक पहुँचने के लिए नियमित यात्रा करनी पड़ती है, जिससे परिवहन व्यय उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक भार बनता है।
• महिला सशक्तिकरण: इस योजना से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और कार्यभागीदारी को बल मिलेगा तथा सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
• अन्य राज्यों का उदाहरण: दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में पहले से ही महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। उत्तर प्रदेश में भी इस संबंध में कार्यवाही जारी है।
रोडवेज के आंकड़े और मांग
उत्तराखंड रोडवेज की लगभग 900 बसें रोजाना चलती हैं, जिनमें औसतन 1.25 लाख (सवा लाख) यात्री सफर करते हैं। इनमें करीब 50,000 छात्राएं और महिलाएं शामिल हैं।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद लंबे समय से सभी आयु वर्ग की महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की मांग कर रही थी। हाल ही में परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय पर मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी।
सरकार की ओर से सुझाव मांगे जाने पर परिवहन निगम ने आगामी 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) पर मुख्यमंत्री द्वारा की जाने वाली घोषणाओं में इस योजना को शामिल करने का प्रस्ताव सौंपा है। निगम का मानना है कि इस कदम से महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ वित्तीय स्थिति और यात्रियों की संख्या में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।



