भू-धंसाव की जद में आया नौगांव का सौली गांव, कई मकान रहने योग्य नहीं; भूवैज्ञानिकों की टीम ने लिया जायजा

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नौगांव, uttarkashi: नगर पंचायत नौगांव अंतर्गत वार्ड नंबर-7, ग्राम सौली में बीते दिनों हुई भारी बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। 7-8 अगस्त को राष्ट्रीय राजमार्ग यमुनोत्री और नौगांव-स्युरी मोटर मार्ग के मध्य हुए भू-धंसाव के कारण गांव के कई मकानों में दरारें आ गई हैं। जिलाधिकारी के निर्देशों पर गठित संयुक्त समिति ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया।
कई भवन असुरक्षित, प्रभावितों को किया गया शिफ्ट
उपजिलाधिकारी बड़कोट और उत्तरकाशी के भूवैज्ञानिक की अगुवाई में पहुंची प्रशासनिक टीम ने गांव का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ मकानों में दरारें इतनी चौड़ी हो चुकी हैं और वे ढलान की ओर झुक गए हैं, जिससे वे अब रहने योग्य नहीं रह गए हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है। बारिश जारी रहने की स्थिति में अन्य भवनों में भी दरारें बढ़ने की आशंका जताई गई है, जिन्हें मानसून के दौरान सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।

भूवैज्ञानिकों की जांच में सामने आए मुख्य कारण:
• मृदा का मोटा आवरण: क्षेत्र में लगभग 3 से 4 मीटर मोटी मिट्टी की परत (आवरण) मौजूद है, जबकि सतह पर मजबूत चट्टानों (आउटक्रॉप) का अभाव है।
• पानी का रिसाव: मिट्टी की मोटी परत में बारिश के पानी का रिसाव (सीपेज) होने के कारण पहली नज़र में भू-धंसाव होना प्रतीत होता है।
• चीड़ के पेड़ों में झुकाव: राष्ट्रीय राजमार्ग और स्युरी मार्ग के बीच स्थित चीड़ के पेड़ ढलान की ओर झुक गए हैं, जो इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि भू-भाग में नीचे की ओर हलचल (मूवमेंट) अभी भी जारी है।
• एनएच का कटान: स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के निर्माण/चौड़ीकरण के दौरान हुए कटान के बाद यह समस्या शुरू हुई, जो इस मानसून की बारिश में और विकराल हो गई।
विस्थापन की तैयारी, जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
निरीक्षण टीम में शामिल अधिकारियों ने बताया कि एकत्र किए गए भूवैज्ञानिक डेटा के विस्तृत आकलन के बाद अति-संवेदनशील क्षेत्र की श्रेणी में आने वाले परिवारों के विस्थापन की योजना बनाई जाएगी। इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की जा रही है, जिसके बाद तहसील स्तर से आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी बड़कोट, भूवैज्ञानिक उत्तरकाशी, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), लोक निर्माण विभाग (PWD), सिंचाई विभाग, नगर पंचायत नौगांव के अधिकारी, क्षेत्रीय पार्षद और बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण मौजूद रहे।



