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चारधाम यात्रा में खटारा वाहनों और नशेड़ी चालकों पर कसेगा शिकंजा, जिलाधिकारी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

​uttarkashi: उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के बीच सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। यात्रा रूट पर दौड़ रहे अनफिट वाहनों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले चालकों के खिलाफ अब सीधे कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक लेते हुए दो टूक शब्दों में निर्देश दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और चालकों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए।

​बाहरी राज्यों से आने वाले खटारा वाहनों पर रहेगी नजर

​जिलाधिकारी ने चिंता जताते हुए कहा कि यात्रा के दौरान बाहरी राज्यों से कई ऐसे पुराने और खटारा वाहन आ रहे हैं, जिनकी स्थिति बेहद खराब और खतरनाक है। ऐसे वाहनों से पर्वतीय मार्गों पर हर समय भीषण दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। इस खतरे को भांपते हुए जिलाधिकारी ने एआरटीओ और पुलिस को निर्देशित किया है कि खराब स्थिति वाले इन वाहनों के फिटनेस, परमिट और अन्य दस्तावेजों की बेहद गहनता से जांच की जाए। नियमों की अनदेखी करने वाले ऐसे वाहनों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल एक व्यापक चेकिंग अभियान शुरू किया जाए।

​जीपीएस ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग हुई अनिवार्य

​यात्रा को हाईटेक सुरक्षा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने बाहर से आने वाले ऐसे सभी वाहनों में जीपीएस (GPS) सिस्टम को अनिवार्य रूप से चेक करने के निर्देश दिए हैं। इससे न केवल वाहनों की गति पर नियंत्रण रखा जा सकेगा, बल्कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में कंट्रोल रूम के माध्यम से वाहनों की सटीक मॉनिटरिंग और लोकेशन ट्रैक करना बेहद आसान हो जाएगा।

​’ड्रिंक एंड ड्राइव’ पर जीरो टॉलरेंस, पुलिस मोबाइल टीमें सक्रिय

​सड़क हादसों के सबसे बड़े कारण यानी नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर नकेल कसने के लिए पुलिस विभाग को विशेष हिदायत दी गई है। जिलाधिकारी ने पुलिस मोबाइल टीमों को तुरंत ग्राउंड पर सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ किया कि नशे की हालत में स्टीयरिंग थामने वाले चालकों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

​ब्लैक स्पॉट का सुधारीकरण और रोड सेफ्टी ऑडिट में तेजी

​यात्रा मार्ग को तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग और संबंधित कार्यदायी एजेंसियों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में रोड सेफ्टी ऑडिट का कार्य हर हाल में समय से पूरा कर लिया जाए। सड़कों पर दुर्घटना की आशंका वाले जितने भी संवेदनशील स्थल (ब्लैक स्पॉट) हैं, उनके सुधारीकरण और चौराहों के विकास कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता का यातायात सुरक्षित और सुगम हो सके।

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