पुरोला में गहराया बिजली संकट: लगातार कटौती से व्यापार और आम जनजीवन ठप, आक्रोशित व्यापारियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
नगर उद्योग व्यापार मण्डल ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन; यूपीसीएल के अधिकारियों पर फोन न उठाने और लापरवाही बरतने का लगाया गंभीर आरोप

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
पुरोला,uttarkashi: पुरोला नगर क्षेत्र में गत कई महिनों से जारी अनियंत्रित और अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता और स्थानीय व्यापारी वर्ग की कमर तोड़ दी है। दिन और रात में बार-बार हो रही घंटों की विद्युत कटौती के कारण जहां एक ओर आम नागरिकों का जीना दूभर हो गया है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय बाजार की व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप होने की कगार पर पहुंच गई हैं। विद्युत आपूर्ति की इस बदहाली से तंग आकर आज ‘नगर उद्योग व्यापार मण्डल पुरोला’ के पदाधिकारियों ने उप जिला अधिकारी पुरोला के माध्यम से जिलाधिकारी उत्तरकाशी को एक ज्ञापन प्रेषित कर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
व्यापार ठप, आजीविका पर गहरा संकट
व्यापार मण्डल के अध्यक्ष अंकित पंवार के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में व्यापारियों ने साफ तौर पर कहा है कि पुरोला बाजार की पूरी अर्थव्यवस्था बिजली पर निर्भर है। लगातार हो रही कटौती के कारण नगर के प्रमुख व्यवसाय जैसे:
• दूध डेयरी और मिठाई की दुकानें: फ्रिज और डीप-फ्रीजर बंद रहने से दूध, मावा व अन्य खाद्य सामग्रियां खराब हो रही हैं।
• डिजिटल व कमर्शियल हब: कंप्यूटर सेंटर और फोटोकॉपी की दुकानें बिजली न होने से पूरी तरह बंद हैं, जिससे छात्रों और आम जनता के जरूरी कार्य लटके पड़े हैं।
• दैनिक रोजगार व अन्य उद्योग: रेडीमेड कपड़े प्रेस करने वाले, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग और वेल्डिंग की दुकानें ठप होने से मजदूरों और कारीगरों की दैनिक दिहाड़ी मारी जा रही है।
इन तमाम छोटे-बड़े व्यवसायों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे व्यापारियों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
विद्युत विभाग के अधिकारियों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया
ज्ञापन में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के स्थानीय और विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। व्यापारियों का आरोप है कि समस्या के समाधान के लिए जब भी यूपीसीएल के संबंधित अधिकारियों को फोन किया जाता है या अन्य माध्यमों से सूचित करने का प्रयास किया जाता है, तो अधिकारियों द्वारा या तो फोन को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया जाता है या फिर कोई न कोई बहाना बनाकर समस्या को टाल दिया जाता है। विभाग की इस घोर उपेक्षा और संवेदनहीनता के चलते स्थानीय व्यापारियों और आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
आंदोलन की दी चेतावनी
व्यापार मण्डल ने प्रशासन को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को तत्काल आवश्यक निर्देश जारी कर विद्युत आपूर्ति सामान्य नहीं की गई तो व्यापारी वर्ग अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को विवश होगा।
व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस गंभीर विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो वे अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों का प्रयोग करते हुए एक उग्र एवं निर्णायक आंदोलन शुरू करेंगे। इस आंदोलन या पब्लिक कार्यक्रम के कारण होने वाली किसी भी प्रकार की सार्वजनिक असुविधा या कानून व्यवस्था की स्थिति की शत-प्रतिशत जिम्मेदारी संबंधित विद्युत विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।



