बड़कोट में जनसेवा शिविर में उमड़े फरियादी: 140 में से अधिकांश शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर कराया निस्तारण, दर्जनों ग्रामीणों को मिला योजनाओं का लाभ

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बड़कोट,uttarkashi: “सेवा, सुशासन एवं समर्पण: जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत संचालित सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शुक्रवार को राजकीय इंटर कॉलेज बड़कोट में एक जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का एक ही छत के नीचे त्वरित समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना रहा। शिविर में कुल 140 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों के माध्यम से तुरंत करवा दिया।
प्रमुख समस्याओं पर जिलाधिकारी के सख्त निर्देश
शिविर के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने अपनी गंभीर समस्याएं जिलाधिकारी के सम्मुख रखीं। रमेश चन्द्र डोभाल द्वारा भूलेख में पैतृक नाम छूटने की शिकायत पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने उपजिलाधिकारी बड़कोट को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। वहीं, आराधना नौटियाल द्वारा मकान के नीचे की क्षतिग्रस्त दीवार को लेकर की गई शिकायत पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को तुरंत दीवार निर्माण के आदेश दिए गए।
पेयजल संकट को लेकर ग्रामसभा डुख्याट गांव के ग्रामीणों ने शिकायत की कि जल जीवन मिशन की लाइन बिछने के बाद भी पानी नहीं आ रहा है, जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता (ईई) को तुरंत जल स्रोत का उपचार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, भाटिया ग्राम में पानी के पुराने टैंक से आ रही समस्या के समाधान के लिए भी जल संस्थान को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर जिलाधिकारी की बड़ी घोषणा
शिविर में सबसे अधिक शिकायतें प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित प्राप्त हुईं। कई ग्रामीणों ने अंतिम सूची में नाम न होने की बात उठाई। इस पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को निर्देश दिए कि वे योजना की पात्रता, पंजीकरण और जियोटैगिंग से जुड़ी सभी पुख्ता जानकारी लोगों तक पहुँचाएं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन पात्र लोगों के नाम छूट गए हैं, वे संबंधित खंड विकास कार्यालय या ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को दोबारा आवेदन देकर अपना री-सर्वे करवा सकते हैं। साथ ही उन्होंने अपील की कि यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में आया है, तो उसकी सूचना भी ग्राम पंचायत को अवश्य दें, ताकि जिला प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुँचा सके।
स्वास्थ्य परीक्षण और विभागीय स्टालों से लाभान्वित हुए सैकड़ों लोग
जनसेवा शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों को कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और मौके पर ही लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा 67 और आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग द्वारा 95 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवाइयां बांटी गईं।
इसके साथ ही राजस्व विभाग द्वारा 110 और उद्यान विभाग द्वारा 18 किसानों का उद्यान कार्ड पंजीकरण किया गया। एनआरएलएम और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 40-40 लोगों को लाभान्वित किया गया। बाल विकास विभाग द्वारा 10, पशुपालन विभाग द्वारा 8, सहकारिता विभाग द्वारा 15, कृषि विभाग द्वारा 10, समाज कल्याण विभाग द्वारा 6, उद्योग विभाग द्वारा 10, डेरी विभाग द्वारा 20, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा 17, विद्युत विभाग द्वारा 8 और पंचायतीराज विभाग द्वारा 15 लोगों को उनके विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा गया।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शिविर के समापन पर कहा कि यह अभियान जनता और प्रशासन के बीच की दूरी को कम करने का एक बेहतरीन माध्यम है। प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ हर शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कर रहा है।
इस अवसर पर दर्जा राज्यमंत्री श्याम डोभाल, भाजपा जिला महामंत्री परशुराम जगूड़ी, उपजिलाधिकारी बृजेश कुमार तिवारी, तहसीलदार रेणु सैनी समेत तमाम विभागों के आला अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।



