
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
uttarkashi: जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक हुई बर्फबारी के बाद विभिन्न ट्रेकिंग और पर्वतारोहण अभियानों पर गए 136 ट्रैकर्स, पर्वतारोहियों और पोर्टरों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। रविवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा प्रबंधन और संबंधित रेखीय विभागों के साथ आपात बैठक कर बेस कैंपों और उच्च मार्गों में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए।
हवाई रैकी और रेस्क्यू के लिए हेली सेवाएं अलर्ट
मौसम की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने हेलीकॉप्टर सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं। सोमवार सुबह से प्रभावित क्षेत्रों में हेली रैकी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल एयर रेस्क्यू अभियान शुरू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ट्रैकर्स के लिए राशन, पैक्ड फूड व पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य विभाग को दवाओं व एंबुलेंस के साथ मुस्तैद रहने को कहा गया है।
कालिंदी पास और ऑडिन कोल में मौजूदगी
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुल 136 पर्वतारोही, ट्रैकर एवं सहयोगी स्टाफ मौजूद हैं:
हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन: 89 सदस्य
ऑडिन कोल पास बेस कैंप: 29 सदस्य
कालिंदी पास बेस कैंप: 18 सदस्य
सैटेलाइट फोन से संपर्क, फील्ड में उतरी प्रशासनिक टीम
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष सैटेलाइट संचार उपकरणों के जरिए एक्सपीडिशन गाइडों से लगातार संपर्क बनाए हुए है और पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) और वन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं। मौके पर राहत कार्यों के त्वरित समन्वय और निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र को हर्षिल रवाना किया गया है।
बैठक में पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्याम विजय, उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता विजय कुमार और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



