उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक: ₹40 करोड़ का ब्याजमुक्त ऋण वितरित, 2 माह में ₹100 करोड़ का लक्ष्य; लापरवाह शाखाओं पर गिरेगी गाज
प्रत्येक विकासखण्ड में लगेंगे ऋण मेले,10% से कम वसूली वाली शाखाओं के वेतन पर रोक के निर्देश

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
uttarkashi: दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक लिमिटेड ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक किसानों और युवाओं को ₹40 करोड़ का ब्याजमुक्त (शून्य प्रतिशत ब्याज दर) ऋण वितरित किया है। बैंक ने आगामी दो महीनों में इस आंकड़े को ₹100 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य तय करते हुए अधिकारियों को मिशन मोड में जुटने के निर्देश दिए हैं।
विकास भवन सभागार में जिला सहकारी बैंक अध्यक्षा शारदा राणा की अध्यक्षता में आयोजित शाखा प्रबंधकों और बहुउद्देश्यीय सहकारी समितियों के सचिवों/प्रबंध निदेशकों की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए गए। बैठक में बैंक उपाध्यक्ष हरिमोहन सिंह, जिला सहायक निबंधक भारत सिंह, डीडीएम नाबार्ड पारित गुप्ता तथा सचिव/महाप्रबंधक मुकेश माहेश्वरी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। विकासखण्ड भटवाड़ी, डुंडा और चिन्यालीसौड़ के शाखा प्रबंधक प्रत्यक्ष रूप से, जबकि नौगांव, पुरोला एवं मोरी के शाखा प्रबंधक वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
लापरवाही पर सख्त रुख
समीक्षा के दौरान समितियों के जरिए ऋण वितरण और एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) वसूली की धीमी प्रगति पर अध्यक्ष ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
• 25 प्रतिशत से कम उपलब्धि वाले अधिकारियों को तत्काल चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।
• 10 प्रतिशत से कम ऋण वसूली दर्ज करने वाली शाखाओं के कर्मियों के वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया गया।
ब्लॉक स्तर पर लगेंगे ऋण मेले
ग्रामीण क्षेत्रों के काश्तकारों, युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए आगामी माह में जनपद के प्रत्येक विकासखण्ड स्तर पर विशेष ‘ऋण वितरण मेलों’ का आयोजन किया जाएगा। इन मेलों में मौके पर ही योजनाओं की जानकारी देकर पात्र लाभार्थियों को स्वरोजगार हेतु ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में अध्यक्ष ने बैंकिंग कार्यों में पूरी पारदर्शिता, नियमित निरीक्षण, ऑडिट, खातों के मिलान तथा केवाईसी, आधार व मोबाइल सीडिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को समय से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “सहकारिता से समृद्धि” के ध्येय को साकार करने के लिए सभी अधिकारी व कर्मचारी टीम भावना के साथ काम करें, ताकि जिले में स्वरोजगार के नए अवसरों का सृजन हो सके।



