केदारताल ट्रैक: तीसरे दिन भी नहीं चला लापता 8 ट्रैकर्स का पता, खराब मौसम के चलते रेस्क्यू अभियान प्रभावित

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
uttarkashi: गंगोत्री से केदारताल ट्रैकिंग पर गया एक 8 सदस्यीय ट्रैकिंग दल भारी हिमपात और एवलांच की चपेट में आने के बाद से लगातार लापता चल रहा है। आपदा परिचालन केंद्र, उत्तरकाशी द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, खोज एवं बचाव अभियान के तीसरे दिन भी ट्रैकर्स और गाइड का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना स्थल पर केवल उनके टेंट और बैग बरामद हुए हैं।
4,000 मीटर की ऊंचाई पर हुआ हादसा
‘सोल सीकर ट्रैकिंग एजेंसी’ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह दल 30 अक्टूबर 2026 को गंगोत्री से केदारताल की ओर रवाना हुआ था। वापसी के दौरान लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर अचानक हुए भारी हिमपात और एवलांच के कारण दल के सभी 8 सदस्य लापता हो गए। इस संबंध में लापता ट्रैकर्स के परिजनों को सूचित कर लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।
हेलीकॉप्टर से 5 बार की गई हवाई रेकी
लापता दल को तलाशने के लिए एनआईएम (NIM) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुबह 8:30 बजे से लेकर 11:00 बजे के बीच कुल 5 बार प्रभावित क्षेत्र में हवाई रेकी की। हालांकि, हवाई सर्वेक्षण के दौरान लापता सदस्यों की कोई ठोस लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी।
जमीनी स्तर पर सर्च ऑपरेशन और टेंट-बैग की बरामदगी
दूसरी ओर, 1 नवंबर को भोजखड़ग बेस कैंप में रुकी वन विभाग और ट्रैकिंग एजेंसी की 9 सदस्यीय टीम ने सोमवार, 2 नवंबर को सुबह 9:00 बजे कैदारखडग (कच्ची ढांग) पहुंचकर खोजबीन शुरू की। दोपहर 2:00 बजे तक चले जमीनी सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम को लापता लोकेशन पर टेंट और बैग मिले, लेकिन ट्रैकर्स का कोई पता नहीं चल सका।
खराब मौसम के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा
दोपहर बाद इलाके में मौसम बेहद खराब होने और दृश्यता घटने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। सर्च टीम फिलहाल सुरक्षित रूप से भोजखड़ग बेस कैंप लौट आई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आपातकालीन परिचालन केंद्र में मौजूद रहकर पूरे हालात और रेस्क्यू अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मौसम साफ होते ही सर्च ऑपरेशन दोबारा तेज किया जाएगा।



