केदारताल ट्रेक पर बर्फबारी और हिमस्खलन में फंसे ट्रेकर्स, 4 लोग सुरक्षित मिले; बचाव अभियान तेज

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
uttarkashi: केदारताल ट्रेकिंग रूट पर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण फंसे ट्रेकर्स और उनके सपोर्टिंग स्टाफ को सुरक्षित निकालने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, वन विभाग और स्थानीय ट्रेकिंग एजेंसी की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। अब तक 4 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि शेष 8 लोगों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।
29 अक्टूबर को होनी थी वापसी
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को गंगोत्री से 7 ट्रेकर्स और 6 सपोर्टिंग स्टाफ सहित कुल 13 लोगों का दल केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। इस दल को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था, लेकिन उच्च हिमालयी क्षेत्र में अचानक खराब हुए मौसम, भारी बर्फबारी और ग्लेशियर मार्ग अवरुद्ध होने के चलते दल फंस गया। 30 अक्टूबर को फोन संपर्क स्थापित होने पर दल ने कच्ची ढांग के पास स्वयं के फंसे होने की जानकारी देकर मदद मांगी थी।
संयुक्त रेस्क्यू दल रवाना, 4 लोग मिले सुरक्षित
सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और 30 अक्टूबर को ट्रेकिंग एजेंसी के गाइड व पोर्टरों ने लगभग 6 किलोमीटर तक मार्ग सुचारू किया। इसके बाद 31 अक्टूबर सुबह 6 बजे से संयुक्त अभियान शुरू किया गया:
उत्तरकाशी से 10 सदस्यीय NDRF की टीम रवाना की गई।
गंगोत्री से SDRF के 6 जवान, वन विभाग के 2 कर्मी और ट्रेकिंग एजेंसी के 7 सदस्य केदारताल की ओर भेजे गए।
गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के रेंज अधिकारी (RO) के अनुसार, कच्ची ढांग के निकट 3 पोर्टर और 1 रसोइये सहित कुल 4 लोग सुरक्षित मिल चुके हैं।
भोजखड़क के आगे हिमस्खलन से फंसा बाकी दल, हेलिकॉप्टर की मांग
दल के शेष 8 लोग भोजखड़क से आगे हिमस्खलन (Avalanche) आने की वजह से फंसे हुए हैं। मार्ग पूरी तरह बाधित होने के कारण रेस्क्यू टीमों को आगे बढ़ने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन घायल व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार देने और सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित एयरलिफ्ट करने की तैयारी में है। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से हेलिकॉप्टर सहायता उपलब्ध कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है। जिलाधिकारी ने सभी एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ रेस्क्यू कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।



