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पुरोला जनसुनवाई शिविर: छाई रही आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत की मांग, बिजली विभाग के जेई को फोन न उठाने पर फटकार

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 
पुरोला uttarkashi; प्रदेश सरकार के ‘सेवा, सुशासन और समर्पण’ अभियान के तहत बुधवार को विकास खंड पुरोला में एक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह की उपस्थिति में आयोजित इस शिविर में ‘सरकार जन के द्वार’ की परिकल्पना को साकार किया गया। शिविर में आए फरियादियों की समस्याओं का अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही त्वरित निस्तारण किया गया और कुल दर्ज सभी पांच मुख्य शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट समाधान किया गया।

​शिविर में बुनियादी ढांचे और सड़कों से जुड़े मामले प्रमुखता से छाए रहे। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि रामासिराई क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली पुरोला-पोरा-गुंदियाट गांव सड़क पिछले चार वर्ष पूर्व आई आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन आज तक इसकी मरम्मत नहीं हो सकी है। इसके अलावा बलदेव सिंह रावत, राजपाल पंवार, जयबीर रावत, बीरेन्द्र आदि ने पुल निर्माण, कीवी मिशन को बढ़ावा देने, योग शिक्षकों को मानदेय दिए जाने और नाली निर्माण जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखीं। वहीं दिनेश चौहान ने मैराना कुफारा मोटर मार्ग से पत्थर हटाने और गंभीर चौहान ने नौरी सड़क मार्ग पर आए पेड़ को हटाने की समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया।
​इस दौरान ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर (जेई) की कार्यप्रणाली पर भारी नाराजगी व्यक्त की। लोगों ने शिकायत की कि जेई स्थानीय जनता की बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर फोन नहीं उठाते हैं। इस बात का संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी और विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कड़ी नाराजगी जताई और मंच से ही जेई को सार्वजनिक रूप से जमकर फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता के फोन उठाना सुनिश्चित करें और भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा सामने आने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
​शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को न केवल जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी, बल्कि मौके पर ही 290 लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुंचाया। इसके साथ ही राजस्व और पंचायती राज विभाग द्वारा तत्परता दिखाते हुए 34 नागरिकों को मौके पर ही आवश्यक प्रमाण पत्र निर्गत किए गए।
​विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पशुपालन विभाग ने सबसे ज्यादा 60 पशुपालकों को अपनी योजनाओं से जोड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने शिविर में आए 58 नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें मुफ्त दवाइयां दीं। कृषि विभाग ने 45 किसानों को खाद और आवश्यक दवाइयों के साथ कृषि योजनाओं का लाभ दिया। आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग ने आयुष पद्धतियों के माध्यम से 38 लोगों को चिकित्सा लाभ और परामर्श प्रदान किया। इसके अतिरिक्त राजस्व विभाग ने प्रमाण पत्रों से जुड़े 20 मामलों का तुरंत निपटारा किया। सहकारिता विभाग ने 12, ग्राम्य विकास विभाग ने 10 और उद्योग विभाग ने स्वरोजगार व एमएसएमई योजनाओं के तहत 5 पात्र युवाओं का चयन कर उन्हें लाभान्वित किया। बाल विकास विभाग की ओर से 4 लाभार्थियों को लाभ मिला, जिसमें एक पात्र महिला को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट सौंपी गई। उद्यान और समाज कल्याण विभाग ने भी दो-दो लाभार्थियों को क्रमशः बागवानी सहायता और पेंशन योजनाओं का लाभ मौके पर ही दिया।
​मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने बताया कि जनसमस्या निवारण शिविर में सभी विभागों के समन्वय से लोगों को खाद, दवाइयां और जरूरी प्रमाण पत्र तुरंत उपलब्ध कराए गए हैं। जिन समस्याओं का तुरंत निस्तारण नहीं हो सका, उनके लिए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा तय कर जिम्मेदारी सौंपी गई है।
​शिविर में विधायक दुर्गेश्वर लाल, ब्लॉक प्रमुख निशिता शाह, एसडीएम मुकेश चंद रमोला, सीएचओ डॉ. रजनीश सिंह, सीएओ एसएस वर्मा, बीडीओ सुरेश चौहान, वीईओ पूजा नेगी, मंडल अध्यक्ष रामचंद्र पंवार, ओबीसी आयोग के सदस्य मोहब्बत सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य कविता शाह, जयवीर रावत, रमेश बिजल्वाण, त्रिलोक बिजल्वाण, मदन सिंह नेगी, सुमित्रा चौहान, अरविंद रावत और ओमप्रकाश नौडियाल सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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