यमुनोत्री पैदल मार्ग पर दलदल से आफत: भडेली गाड़ से यमुनोत्री वन-वे ट्रैक पर कीचड़ का साम्राज्य, जोखिम में श्रद्धालुओं व मजदूरों की जान

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
uttarkashi; चारधाम यात्रा अपने चरम पर है, लेकिन यमुनोत्री धाम के वैकल्पिक पैदल मार्ग पर तीर्थयात्रियों और स्थानीय मजदूरों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। भडेली गाड़ से यमुनोत्री धाम को जाने वाले वन विभाग के वन-वे मार्ग पर भारी भूस्खलन और बारिश के बाद जगह-जगह गहरा कीचड़ व दलदल जमा हो गया है। इस कारण मार्ग पर चलना जानलेवा साबित हो रहा है।
पैदल चलना हुआ दूभर, घुटनों तक कीचड़ में धंस रहे यात्री
सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो और तस्वीरों में मार्ग की बदहाली साफ देखी जा सकती है। कई स्थानों पर बुजुर्ग और महिला श्रद्धालु घुटनों तक कीचड़ में धंसते नजर आ रहे हैं और लाठी-डंडों के सहारे बमुश्किल रास्ता पार कर रहे हैं। जरा सी चूक होने पर यात्रियों के फिसलकर खाई में गिरने का खतरा बना हुआ है।
घोड़े-खच्चर संचालकों और मजदूरों के सामने भी संकट
यह मार्ग घोड़े-खच्चरों की आवाजाही के लिए वन-वे के रूप में उपयोग में लाया जाता है। दलदल भरे रास्ते के कारण घोड़े-खच्चर फिसल रहे हैं, जिससे तीर्थयात्रियों के साथ-साथ यात्रा व्यवस्था में जुटे हजारों मजदूर भाइयों और खच्चर संचालकों की रोजी-रोटी व सुरक्षा पर गहरा संकट खड़ा हो गया है।
यमुनोत्री क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता महाबीर पंवार “माही” ने जिला प्रशासन, वन विभाग और जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने डीएम उत्तरकाशी, प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) बड़कोट तथा जिला पंचायत उत्तरकाशी से मांग की है कि भडेली गाड़-यमुनोत्री ट्रैक से तत्काल मलबा व कीचड़ हटाकर मार्ग की युद्धस्तर पर साफ-सफाई कराई जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले यात्रा सुगम और सुरक्षित हो सके।



