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दयारा बुग्याल में लापता 30 वर्षीय महिला ट्रैकर का 6 दिनों बाद भी सुराग नहीं : चप्पे-चप्पे पर खाक छान रहीं एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीमें, उठे गंभीर सवाल

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

Uttarkashi: दयारा बुग्याल ट्रेक रूट से गत 30 मई को लापता हुई 30 वर्षीय महिला ट्रैकर बबीता पाण्डेय का 6 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। समय बीतने के साथ ही अब यह सवाल बेहद गहरा और रहस्यमयी होता जा रहा है कि आखिर ‘बबीता गई कहाँ?’ इस घटना ने ट्रेकिंग रूटों पर सुरक्षा व्यवस्था और विपरीत परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशनों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

युद्ध स्तर पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन जारी

लापता ट्रैकर बबीता पाण्डेय की खोज के लिए जिला प्रशासन उत्तरकाशी द्वारा युद्ध स्तर पर सघन खोजबीन अभियान चलाया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस महा-रेस्क्यू ऑपरेशन में देश और प्रदेश की सबसे मुस्तैद टीमें संयुक्त रूप से जुटी हुई हैं।

डॉग स्क्वायड की ली जा रही मदद

घने जंगलों, खाईयों और संकरे रास्तों पर लापता महिला का सुराग लगाने के लिए खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। टीमें हर संभावित रूट, गुफाओं और जंगलों के चप्पे-चप्पे को बारीकी से खंगाल रही हैं।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, सभी विभागों के जवान और अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ धरातल पर डटे हुए हैं। जिला प्रशासन के उच्च स्तर से इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की पल-पल की मॉनिटरिंग और लगातार निगरानी की जा रही है।

आखिर कहाँ गई बबीता? हर एंगल से जांच में जुटा प्रशासन

दिन गुजरने के साथ ही परिजनों की चिंताएं और स्थानीय लोगों में सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। इतने बड़े सर्च ऑपरेशन और खोजी कुत्तों की मदद के बाद भी अब तक कोई ठोस सुराग हाथ न लगना हैरान करने वाला है।

प्रशासन अब इस मामले को सिर्फ एक आम गुमशुदगी के तौर पर नहीं देख रहा है, बल्कि हर छोटे-बड़े और संभावित एंगल से इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

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