उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: 11 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी, गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा अस्थायी तौर पर रोकी गई

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
Dehradun: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा चेतावनी के बाद उत्तराखंड में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्य के 11 जनपदों में अगले 24 घंटों (26 सितंबर से 27 सितंबर सुबह 10:52 बजे तक) के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई संवेदनशील जलग्रहण क्षेत्रों में मध्यम स्तर की त्वरित बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन की आशंका जताई गई है।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
इन जनपदों और कस्बों में बढ़ा खतरा
मौसम विभाग के अनुसार अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उधम सिंह नगर और उत्तरकाशी में भारी बारिश के आसार हैं।
विशेष रूप से रुद्रपुर, खटीमा, लालकुआं, रानीखेत, लोहाघाट, गंगोलीहाट, द्वाराहाट, मुक्तेश्वर, डीडीहाट, कौसानी, कर्णप्रयाग, बेरीनाग, मुनस्यारी, केदारनाथ, बद्रीनाथ, कपकोट और जोशीमठ सहित इनसे जुड़े जलग्रहण क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ने और फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है।
हीना और दोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर रोके गए यात्री
जिलाधिकारी उत्तरकाशी के निर्देशानुसार मौसम संबंधी चेतावनियों के मद्देनजर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। गंगोत्री जाने वाले यात्रियों को हीना और यमुनोत्री मार्ग के यात्रियों को दोबाटा होल्डिंग पॉइंट पर अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) और स्मार्ट कंट्रोल रूम को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। दोनों धामों—गंगोत्री और यमुनोत्री—की वर्तमान स्थिति पर लाइव सीसीटीवी कैमरों के जरिए नजर रखी जा रही है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की मुख्य तैयारियां
• मार्ग बहाली दल मुस्तैद: एनएच (NH), बीआरओ (BRO), पीडब्ल्यूडी (PWD) और पीएमजीएसवाई (PMGSY) को अपनी मशीनरी और फील्ड स्टाफ तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भूस्खलन होने पर बाधित मार्गों को तुरंत खोला जा सके।
• तहसील स्तर पर निगरानी: जिले की सभी तहसीलों को अलर्ट पर रखा गया है, जहां से वर्षा और भूस्खलन के आंकड़ों की रियल-टाइम रिपोर्ट कंट्रोल रूम को भेजी जा रही है।
• त्वरित प्रतिक्रिया: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
आमजन और यात्रियों से सतर्कता की अपील
जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। खराब मौसम के दौरान पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें और नदियों व बरसाती नालों के पास न जाएं। आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी कंट्रोल रूम या आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन पर संपर्क करें।



