
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुख्य आरोपी हाकम सिंह के खिलाफ कड़ा शिकंजा कस दिया है। ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए हाकम सिंह की लगभग 63 लाख रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अटैच (कुर्क) कर लिया है।
अभ्यर्थियों से वसूले थे एक करोड़ रुपये
ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी हाकम सिंह ने स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा और वीपीडीओ (VPDO) भर्ती परीक्षा में धांधली कर अभ्यर्थियों से कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये की मोटी रकम वसूली थी।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी ‘आरएमएस टेक सॉल्यूशन’ के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भी इस पूरे खेल में कथित मिलीभगत थी। फिलहाल ईडी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
सख्त अध्यादेश 2023 के जाल में फंसा हाकम
इससे पहले पुलिस ने हाकम सिंह को घेरने के लिए कई कानूनी धाराएं लगाई थीं, लेकिन नकल रोधी पुराने कानूनों में सख्त प्रावधानों की कमी का फायदा आरोपी उठाते रहे। हालांकि, इस बार हाकम सिंह नए ‘उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं उपाय) अध्यादेश 2023’ के कड़े प्रावधानों में पूरी तरह फंस चुका है।
नकल रोधी कानून के मुख्य प्रावधान:
• सजा: पेपर लीक या नकल में शामिल व्यक्तियों, परीक्षा केंद्रों, प्रिंटिंग प्रेस या कोचिंग संस्थानों को आजीवन कारावास की सजा।
• जुर्माना: 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना।
• कानूनी स्थिति: यह अपराध अब प्रदेश में संज्ञेय (Cognizable), गैर-जमानती (Non-Bailable) और अशमनीय (Non-Compoundable) है।



