पुरोला के चपटाड़ी गांव में सड़क निर्माण को लेकर उपजा जनआक्रोश, एक प्रभावशाली व्यक्ति के बगीचे तक सड़क पहुंचाने की तैयारी : ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
Uttarkashi: पुरोला तहसील के चपटाड़ी गांव के ग्रामीणों ने गांव में बिना स्थानीय सहमति के हो रहे सड़क निर्माण पर गहरा विरोध जताया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से आपदा और भू-धंसाव की मार झेल रहे इस गांव की सुरक्षा और विस्थापन की आवश्यकताओं को पूरी तरह दरकिनार कर, बाहर से आए एक प्रभावशाली व्यक्ति की निजी संपत्ति और बगीचे तक सड़क पहुंचाने की तैयारी की जा रही हैं। उन्होंने इस संबंध में उप-जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि चपटारी गांव वर्ष 2013 की दैवीय आपदा में भीषण रूप से प्रभावित हुआ था और वर्ष 2016 में सरकार द्वारा जारी विस्थापन सूची में भी इस गांव का नाम प्रमुखता से शामिल किया गया था। गांव के अति-संवेदनशील भू-स्खलन और भू-धंसाव क्षेत्र होने के कारण यहां सड़क निर्माण का कार्य पूरे गांव के अस्तित्व, ग्रामीणों के मकानों, मुख्य पेयजल स्रोतों और प्राकृतिक वन संपदा के लिए अत्यंत विनाशकारी साबित हो सकता है। ग्रामीणों ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ समय पूर्व गांव के बुजुर्गों लोगों से पानी की योजना का हवाला देकर गुमराह करते हुए एक कागज पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान ले लिए गए थे, जिन्हें बाद में धोखाधड़ी से सड़क निर्माण की सहमति फाइल में संलग्न कर दिया गया।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह सवाल भी उठाया कि चपटाड़ी मुख्य रूप से अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव है, जहां नियमानुसार एससी वर्ग की भूमि किसी गैर-एससी या बाहरी व्यक्ति के नाम आसानी से हस्तांतरित नहीं हो सकती, इसलिए इस संपूर्ण भूमि खरीद-बिक्री सौदे प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि इस विवादित सड़क निर्माण कार्य पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस अवसर पर मनोज,सुमन, प्रदीप कुमार, विनोद, जयप्रकाश आदि मौजूद थे।
एक तरफ जहां सुदूरवर्ती गांव शिकारू, सेवा, खांशी ग्राम पंचायत के दोणी में ग्रामीण वर्षों से सड़क के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किसी प्रभावशाली बाहरी व्यक्ति के बगीचे तक सड़क स्वीकृत हो जाना प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर बड़े सवाल खड़े करता है।



