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पुरोला में स्वास्थ्य सेवाओं पर संकट! डॉक्टरों के तबादले के विरोध में उमड़ा जनआक्रोश, व्यापारी और प्रधान संगठन ने दिए ज्ञापन

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

पुरोला,uttarkashi: उपजिला चिकित्सालय पुरोला के चिकित्सकों के स्थानांतरण के खिलाफ स्थानीय जनता, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। चिकित्सालय के प्रभारी व एमडी फिजिशियन डॉ. मनोज असवाल और डॉ. कप‍िल तोमर के तबादले के विरोध में आज ‘नगर उद्योग व्यापार मण्डल’ और ‘प्रधान संगठन ब्लॉक पुरोला’ ने मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में दोनों संगठनों द्वारा शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण आदेश को तुरंत निरस्त करने की मांग की गई है।


​व्यापार मण्डल ने स्वास्थ्य मंत्री को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी
नगर उद्योग व्यापार मण्डल पुरोला के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने उपजिलाधिकारी पुरोला के माध्यम से सूबे के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को एक ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में कहा गया है कि डॉ. मनोज असवाल के कार्यकाल में सीमित संसाधनों के बावजूद पुरोला उपजिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। उन्होंने दिन-रात निस्वार्थ भाव से सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब व असहाय मरीजों की सेवा कर जनता का भरोसा जीता है। व्यापार मण्डल ने चेतावनी दी है कि यदि जनभावनाओं और पर्वतीय क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों को दरकिनार कर डॉ. असवाल का स्थानांतरण निरस्त नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता, व्यापारी वर्ग और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपियां प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा और स्थानीय विधायक को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं।
​प्रधान संगठन ने भी पुरोला एसडीएम को सौंपा पत्र
प्रधान संगठन पुरोला के अध्यक्ष त्रिलोक बिजल्वाण के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों ने भी उपजिलाधिकारी को पत्र सौंपकर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रधान संगठन ने डॉ. मनोज असवाल के साथ-साथ डॉ. कपिल तोमर के स्थानांतरण को भी रोकने की पुरजोर मांग की है।
​प्रधान संगठन का कहना है कि दोनों ही चिकित्सक अत्यंत निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ क्षेत्र की जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। सीमांत क्षेत्र के आम-जनमानस को उनके इलाज से काफी लाभ मिल रहा है। यदि इन चिकित्सकों का स्थानांतरण नहीं रोका गया, तो क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी और ग्रामीणों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
​चरमरा सकती है सीमांत क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाएं
​स्थानीय लोगों का कहना है कि सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में पहले से ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी रहती है, ऐसे में बेहतर काम कर रहे डॉक्टरों को हटाना क्षेत्र की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
इस अवसर पर व्यापार मण्डल अध्यक्ष अंकित पंवार, पूर्व अध्यक्ष बृजमोहन चौहान, उपेंद्र असवाल, अमीचंद शाह, बलदेव रावत, रामचंद्र पंवार, चंद्रमोहन कपूर, नवीन गैरोला, गोविंद राम नौटियाल आदि मौजूद थे।

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