मोरी: फिताड़ी गांव में भालू के हमले में युवक गंभीर रूप से घायल; सड़क बंद होने पर ग्रामीणों ने डंडी-कंडी के सहारे पहुंचाया अस्पताल

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मोरी,uttarkashi: गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र के अंतर्गत सुदूरवर्ती ग्राम पंचायत फिताड़ी में शुक्रवार सुबह भालू के हमले में एक 24 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। क्षेत्र में सड़क मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध होने और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घायल युवक को डंडी-कंडी के सहारे कई किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया।
बगीचे की ओर जाते समय हुआ हमला
मिली जानकारी के अनुसार, फिताड़ी गांव निवासी अनुरोध राणा (24 वर्ष) पुत्र सिलदार सिंह राणा शुक्रवार सुबह अपने सेब के बगीचे की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ‘बोसनी’ नामक तोक में घात लगाकर बैठे एक भालू ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। युवक के शोर मचाने और संघर्ष के बाद भालू वहां से भाग निकला, लेकिन इस हमले में अनुरोध गंभीर रूप से घायल हो गए।
सड़क बंद, डंडी-कंडी बनी जीवनदायिनी
चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण और युवा तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को तत्काल अस्पताल ले जाना जरूरी था, ऐसी विकट परिस्थिति में गांव के युवाओं ने इंसानियत और साहस की मिसाल पेश की। उन्होंने एक कुर्सी और डंडों के सहारे तुरंत डंडी-कंडी तैयार की और घायल युवक को उस पर बैठाकर पत्थरों, मलबे और खतरनाक पहाड़ी रास्तों को पार करते हुए मुख्य सड़क तक पहुंचाया।
बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर ग्रामीणों में आक्रोश
इस घटना ने एक बार फिर सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है।
• स्वास्थ्य सेवाओं की कमी: ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं न के बराबर हैं।
• मार्ग अवरुद्ध होना: बरसात और भूस्खलन के कारण संपर्क मार्ग हफ्तों तक बंद रहते हैं, जिससे मरीजों और घायलों को समय पर इलाज मिलना चुनौती बन जाता है।
• वन्यजीवों का आतंक: गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों की जान-माल पर हमेशा खतरा बना रहता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से पीड़ित युवक को उचित मुआवजा देने, क्षेत्र में भालू के आतंक से निजात दिलाने और बंद पड़े सड़क मार्गों को तुरंत सुचारू करने की मांग की है।



