उत्तराखंडकैबिनेट के फैसलेदेहरादून

धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: संस्कृत शिक्षा नियमावली को मंजूरी, उपनल कर्मियों को तोहफा और राज्य को ‘पूर्ण साक्षर’ घोषित करने का निर्णय

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस कैबिनेट बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और जनहित से जुड़े कई दूरगामी फैसले लिए गए।

बैठक की शुरुआत में कैबिनेट ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पद्मश्री निशानेबाज जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

1. संस्कृत शिक्षा और साक्षरता में ऐतिहासिक कदम

सरकार ने उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा संशोधन नियमावली-2026 को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत अब राज्य के संस्कृत विद्यालयों की मान्यता, पाठ्यक्रम निर्धारण और परीक्षाओं के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं में बड़े सुधार किए जाएंगे।

इसके साथ ही, शिक्षा विभाग से जुड़ा एक और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए कैबिनेट ने उत्तराखंड को ‘पूर्ण साक्षर’ राज्य घोषित करने का निर्णय लिया है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की वर्तमान साक्षरता दर 98 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है।

2. उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत

कैबिनेट ने उपनल (UPNL) के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को ‘समान कार्य-समान वेतन’ का लाभ देने के लिए कटऑफ तिथि में बड़ा बदलाव किया है। इस तिथि को 12 नवंबर 2018 से बढ़ाकर अब 15 अगस्त 2024 कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से अब पहले के मुकाबले कहीं अधिक उपनल कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिल सकेगा।

3. राज्य आंदोलनकारियों और चारधाम यात्रा के लिए राहत

दस्तावेज सत्यापन में ढील: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की कनिष्ठ सहायक और पुलिस कांस्टेबल भर्ती-2024 में जिन राज्य आंदोलनकारियों या उनके आश्रितों के प्रमाण पत्र देरी से बने थे, उन्हें दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के दौरान सरकार ने एक बार के लिए बड़ी राहत दी है।

घोड़ा-खच्चरों का बीमा: चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के क्रम में यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले घोड़ा-खच्चरों के लिए सरकार 5 प्रतिशत बीमा दर के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराएगी।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले एक नजर में:

पर्यटन (इंटरनेशनल कार रैली): प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली’ के आयोजन को मंजूरी दी गई है। मद्रास की एक विशेषज्ञ संस्था को इसकी जिम्मेदारी मिलेगी, जिसमें लगभग 50 अंतरराष्ट्रीय कारों के शामिल होने की उम्मीद है।

लोक निर्माण विभाग (PWD): मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिटुमेन (डामर) की कीमतें बढ़ गई हैं। इस पर नियंत्रण पाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए एक विशेष व्यवस्था बनाई जाएगी।

आबकारी विभाग: व्यापारियों और कंपनियों को राहत देते हुए फैसला लिया गया कि होलोग्राम के दोहराव की स्थिति में अब दोहरा कर (डबल टैक्स) नहीं लगेगा। टैक्स केवल एक बार ही वसूला जाएगा।

कृषि एवं सगंध केंद्र: उत्तराखंड के सगंध एवं हर्बल उत्पादों के निर्यात (Export) को रफ्तार देने के लिए सेलाकुई स्थित सगंध केंद्र में मिलावट जांच की आधुनिक सुविधा विकसित की जाएगी। इसके सुचारू संचालन के लिए पांच नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं।

पशुपालन (एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक): राज्य में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार ने एम्ब्रियो ट्रांसफर (भ्रूण प्रत्यारोपण) तकनीक के माध्यम से गौवंश आधारित एक विशेष पायलट परियोजना को मंजूरी दी है।

गृह विभाग: पुलिस और जेल प्रशासन में सुधार के तहत ‘उत्तराखंड कारागार नियमावली’ और ‘कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली’ में संशोधनों को स्वीकृति दी गई है।

धामी सरकार का यह कैबिनेट फैसला जहां एक तरफ राज्य के बुनियादी ढांचे और पर्यटन को वैश्विक पटल पर चमकाने वाला है, वहीं दूसरी तरफ उपनल कर्मियों, युवाओं और आंदोलनकारियों को सीधे तौर पर राहत पहुंचाने वाला साबित होगा।

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