केदारनाथ धाम में ‘कैरी मी बैक’ अभियान की धूम, श्रद्धालुओं ने पहाड़ से नीचे उतारा 2 टन कचरा

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
रुद्रप्रयाग। हिमालयी पर्यावरण के संरक्षण और बाबा केदार की पावन भूमि को स्वच्छ, सुंदर व प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा ‘कैरी मी बैक’ अभियान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस अभिनव पहल को यात्रियों का जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों के संयुक्त प्रयासों से अब तक लगभग 2 टन (2000 किलोग्राम) कचरा केदारनाथ धाम से नीचे लाया जा चुका है।
यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी आधारित स्वच्छता प्रबंधन का एक उत्कृष्ट मॉडल बनकर उभरा है।
इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए नगर पंचायत केदारनाथ, हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यात्रा मार्ग से लेकर मुख्य धाम तक तैनात कार्मिक और स्वयंसेवक लगातार जनजागरूकता अभियान चला रहे हैं। यात्रियों को इस बात के लिए प्रेरित किया जा रहा है कि वे अपने साथ ले जाए गए प्लास्टिक, पानी की खाली बोतलें, चिप्स-बिस्कुट के रैपर और अन्य अजैविक कचरे को धाम में छोड़ने के बजाय वापस अपने साथ नीचे लाएं।
“केदारनाथ धाम की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। ‘कैरी मी बैक’ अभियान ने जनभागीदारी आधारित कचरा प्रबंधन का एक प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। प्रशासन ऐसी पर्यावरण हितैषी पहलों को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।”
— विशाल मिश्रा, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग
उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल सिंह रावत ने अभियान की सफलता पर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि हिमालयी पारिस्थितिकी का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। धाम से 2 टन कचरा नीचे लाया जाना इस बात का जीवंत प्रमाण है कि अगर जनता का सहयोग मिले, तो इतने संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों में भी बड़े और सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं
नगर पंचायत केदारनाथ, हीलिंग हिमालयास फाउंडेशन और सुलभ इंटरनेशनल के प्रतिनिधियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस अभियान को और अधिक विस्तार दिया जाएगा। अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस मुहिम से जोड़ने के लिए यात्रा मार्ग पर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि केदारनाथ धाम को पूर्णतः कचरा-मुक्त बनाया जा सके।
जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने बाबा केदार के दर्शन करने आ रहे सभी भक्तों से भावुक अपील की है कि वे केदारनाथ धाम की पवित्रता और हिमालय की अनमोल प्राकृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने में सक्रिय भागीदार बनें। श्रद्धालु अपने द्वारा उत्पन्न कचरे को वापस नीचे गौरीकुंड लाकर तय स्थानों पर डालें और इस पवित्र मुहिम को सफल बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दें।



