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पुरोला विधानसभा: गांव की सड़क क्या मांगी, युवती को मिलने लगी धमकियां; युवती ने वीडियो जारी कर धमकी देने वालों को दिया करारा जवाब  

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

पुरोला,uttarkashi:  लोकतंत्र में अपनी बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों के लिए आवाज उठाना क्या कोई गुनाह है? यह सवाल एक बार फिर पुरोला विधानसभा क्षेत्र के शिकारू गांव से उठ रहा है। गांव की बदहाली और तीन दशकों से लंबित सड़क निर्माण की मांग को लेकर वीडियो बनाने वाली स्थानीय युवती को अब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा व्यक्तिगत रूप से मैसेज कर धमकियां दी जा रही हैं और वीडियो डिलीट करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
​इस पूरे मामले पर युवती ने एक नया वीडियो जारी कर धमकी देने वालों को करारा और बेबाक जवाब दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस नए वीडियो में युवती ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह किसी की भी धमकियों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा, “मैंने अपने गांव के हक और सड़क के लिए आवाज उठाई है, किसी को गाली नहीं दी है। मैं किसी भी धमकी से डरकर वीडियो डिलीट नहीं करने वाली।”

​युवती ने वीडियो में आरोप लगाया कि कुछ तथाकथित राजनीतिक चमचे और असामाजिक तत्व यहां तक कि फर्जी आईडी बनाकर उसे डराने और धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को खुली चुनौती देते हुए कहा, “अगर हिम्मत है, तो अपनी असली प्रोफाइल के साथ सामने आकर कमेंट करो,
​पहाड़ की इस बेटी ने साफ कर दिया कि उसका किसी राजनीतिक दल या नेता विशेष से कोई बैर नहीं है, न ही वह किसी के इशारे पर यह काम कर रही है। वह सिर्फ और सिर्फ पिछले 10-12 वर्षों से गांव में सड़क आने के झूठे आश्वासनों से त्रस्त होकर आवाज बुलंद कर रही है।

शिकारू गांव की युवती को मिल रही इन धमकियों के बाद क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि जब सरकारें और जनप्रतिनिधि समय पर विकास कार्य नहीं कर पाते, तब जनता को अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। ऐसे में एक लड़की को डराने का प्रयास करना बेहद निंदनीय है।

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