उत्तराखंडरुद्रप्रयाग

100 वर्ष की उम्र में भी लोकतंत्र के प्रति अटूट आस्था: वयोवृद्ध दाताराम पुरोहित बने युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

Rudraprayag: कहते हैं कि देश को मजबूत बनाने के लिए उम्र का कोई बंधन नहीं होता। इस बात को सच कर दिखाया है जनपद रुद्रप्रयाग के ग्राम कुरझण के रहने वाले 100 वर्षीय वरिष्ठ मतदाता दाताराम पुरोहित ने। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में चल रहे ‘विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR)’ के तहत उन्होंने जिस उत्साह के साथ अपना गणना प्रपत्र भरा, उसने पूरे प्रदेश के सामने लोकतंत्र की एक अनूठी और जीवंत मिसाल पेश की है।

घर-घर जाकर सत्यापन कार्य हुआ शुरू

01 जुलाई, 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर उत्तराखण्ड में निर्वाचक नामावलियों को शुद्ध और अद्यतन करने का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसी क्रम में आज, 08 जून से रुद्रप्रयाग जनपद में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन और गणना प्रपत्र भरने का कार्य शुरू किया गया।

अभियान के पहले ही दिन मतदेय स्थल संख्या-182 (ग्राम कुरझण) में उस समय एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब लगभग 100 वर्ष के बुजुर्ग दाताराम पुरोहित ने पूरे उत्साह के साथ अपने घर पहुंचे बीएलओ का स्वागत किया। उन्होंने न केवल जागरूकता का परिचय दिया, बल्कि खुद सक्रियता दिखाते हुए अपना गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ को सौंपा।

जिला प्रशासन और निर्वाचन टीम ने दाताराम पुरोहित की इस सक्रियता की सराहना करते हुए उन्हें ‘लोकतंत्र की जीवंत विरासत’ बताया है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी यह सहभागिता यह संदेश देती है कि मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाए रखने में हर एक नागरिक की भूमिका अहम है। 100 वर्ष के इस बुजुर्ग का जज्बा आज की युवा पीढ़ी और अन्य मतदाताओं को अपने लोकतांत्रिक दायित्वों को समझने और निभाने की बड़ी प्रेरणा देता है।

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