
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मोरीUTTARKASHI: चकराता विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह चौहान ने फिताड़ी गांव का दौरा कर अग्नि पीड़ितों से मिलकर उनका दर्द साझा किया और राहत कार्यों की सुस्त रफ्तार को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
प्रीतम सिंह ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अग्निकांड जैसी बड़ी आपदा को बीते एक सप्ताह से अधिक का समय हो गया है, लेकिन अब तक सरकार का कोई भी कैबिनेट मंत्री या शासन का बड़ा प्रतिनिधि पीड़ितों का हाल जानने नहीं पहुंचा।
उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने दिनों बाद भी मुख्यमंत्री या जिले के प्रभारी मंत्री ने पीड़ितों की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। अगर स्थानीय विधायक दुर्गेश्वर लाल यहां आए भी हैं, तो वह इसलिए क्योंकि वह यहीं के निवासी हैं। नैतिकता के नाते मुख्यमंत्री या कम से कम प्रभारी मंत्री को यहां उपस्थित होना चाहिए था।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सरकार और प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
• आर्थिक सहायता: प्रत्येक पीड़ित परिवार को तत्काल 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाए।
• आशियाने के लिए लकड़ी: वन विभाग जंगलों में गिरे हुए पेड़ों को तत्काल पीड़ितों को उपलब्ध कराए, ताकि वे अपने घरों का पुनर्निर्माण शुरू कर सकें।
• बुनियादी सुविधाएं: बेघर हुए ग्रामीणों के लिए राशन, कपड़े और अस्थाई आवास की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों में भी भारी रोष
अग्निकांड में सब कुछ गंवा चुके ग्रामीणों ने भी प्रीतम सिंह के सामने अपना दुखड़ा रोया। उन्होंने बताया कि आपदा के समय सरकार की अनुपस्थिति उन्हें उपेक्षित महसूस करा रही है। प्रीतम सिंह ने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक उठाएंगे और पीड़ितों की हर संभव मदद करेंगे।
इस अवसर पर पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष हरिमोहन नेगी, कांग्रेस पार्टी के पूर्व ब्लाॅक अध्यक्ष राजपाल रावत, ब्लॉक अध्यक्ष अनिल रांगड़, पूर्व प्रधान प्रहलाद रावत, प्रहलाद पंवार, जगमोहन राणा, जय सिंह राणा, पूर्व प्रधान प्रकाश कुमार आदि मौजूद थे ।



