यमुनोत्री धाम में सुलभ शौचालय बदहाल: आस्था के मार्ग पर बह रही गंदगी, यात्री खुले में शौच को मजबूर

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
यमुनोत्री धामuttarkashi: विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के प्रमुख पड़ाव यमुनोत्री धाम में स्वच्छता के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। यमुना दर्शन से हनुमान मंदिर की ओर जाने वाले वैकल्पिक मार्ग पर सुलभ इंटरनेशनल द्वारा निर्मित शौचालयों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। आलम यह है कि रखरखाव के अभाव और तकनीकी खामियों के कारण इन शौचालयों में ताले लटके हैं, जिससे यात्री भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि शौचालय में जगह-जगह से लीकेज हो रहा है। लीकेज के कारण शौचालय की गंदगी सीधे मुख्य पैदल मार्ग पर बह रही है। पैदल चलने वाले यात्रियों के पैरों के जरिए यह गंदगी सीधे मुख्य मंदिर परिसर और पवित्र कुंड तक पहुंच रही है। शौचालय बंद होने के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु खुले में शौच करने को मजबूर हैं, जिससे पर्यावरण और धाम की शुचिता दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
हनुमान मंदिर के पास भी स्थिति विकट
हनुमान मंदिर के निचले हिस्से में बने शौचालयों की हालत भी कुछ अलग नहीं है। वहां सोक पिट (गड्ढे) फटने के कारण लंबे समय से शौचालय बंद पड़े हैं। यात्रियों का कहना है कि इन शौचालयों को कहीं और स्थानांतरित किया जाना चाहिए ताकि जगह का सही उपयोग हो सके और यात्रियों को सुविधा मिल सके।
इस संबंध में विगत वर्ष और इस वर्तमान यात्रा सीजन में भी कई बार विभाग और प्रशासन को सूचित किया गया। लेकिन हर बार ठोस समाधान के बजाय केवल ‘लीपापोती’ कर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है। गुणवत्ताहीन मरम्मत के कारण कुछ ही दिनों में समस्या फिर जस की तस हो जाती है। शौचालयों की लीकेज को तुरंत बंद कर स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य कराया जाए। हनुमान मंदिर के पास खराब हो चुके शौचालयों को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट किया जाए। सुलभ इंटरनेशनल और संबंधित विभाग की जवाबदेही तय की जाए ताकि बजट का सदुपयोग हो और धाम की स्वच्छता बनी रहे। महाबीर पंवार माही, सामाजिक कार्यकर्त्ता, यमुनोत्री क्षेत्र।



