FDR तकनीकउत्तरकाशीउत्तराखंडगुणवत्ता पर उठे सवालमोरी सांकरी जखोल मोटर मार्ग

मोरी-सांकरी-जखोल मोटर मार्ग में 32 करोड़ की एफडीआर तकनीकी पर उठे सवाल, कौन लेगा जिम्मेदारी?

सड़क की खस्ताहाली और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल

पत्रिका न्यूज नेटवर्क 

​पुरोला,uttarkashi: पुरोला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मोरी विकासखंड का मोरी-सांकरी-जखोल मोटर मार्ग इन दिनों भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण कार्य को लेकर चर्चा में है। लगभग ₹32 करोड़ की भारी-भरकम लागत से FDR (Full Depth Reclamation) तकनीकी द्वारा बनाई जा रही इस सड़क की धरातलीय सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है।

उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने जखोल गांव पहुंचकर सड़क के निर्माण कार्य का जायजा लिया और सरकार तथा संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

​मौके पर स्थिति का मुआयना करते हुए बॉबी पंवार ने कहा कि सोशल मीडिया और कागजों में जिस FDR तकनीकी के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, उसकी पोल धरातल पर उतरते ही खुल गई है।

​बॉबी पंवार ने कहा कि सड़क निर्माण को अभी 2 से 3 महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और सड़क का कंक्रीट पूरी तरह उखड़कर पत्थरों में तब्दील हो चुका है। उन्होंने सड़क से उखड़ते मलबे को दिखाते हुए सवाल उठाया कि जब मानसून की बारिश में तारकोल/डामरीकरण का काम नहीं हो सकता, तो क्या तब तक यह सड़क इस स्थिति में भी टिक पाएगी कि इस पर सीधे डामर बिछाया जा सके?

​सड़क के घटिया निर्माण के साथ-साथ मार्ग पर स्थित जर्जर स्कवर की स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। बॉबी पंवार ने कहा कि ₹32 करोड़ के इस विशाल बजट में क्या इंजीनियरों और अधिकारियों को जर्जर हो चुके स्कवर नजर नहीं आएं?

​ जर्जर हो चुके स्कवर के ऊपर से यात्रियों से भरी बस और भारी वाहन जोखिम उठाकर गुजर रहे हैं। बॉबी पंवार ने कहा कि अगर इस जर्जर या टूटे स्कवर की वजह से कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? लोगों की सुरक्षा को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया है।

​स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतों का हवाला देते हुए बॉबी पंवार ने कहा कि सड़क निर्माण में मानकों का ज़रा भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। जहां जंग-रोधक और मजबूत पकड़ वाली सीमेंट का उपयोग होना चाहिए था, वहां महज ₹150 से ₹200 प्रति कट्टे वाली सस्ती और घटिया सीमेंट का प्रयोग करके केवल लीपापोती की गई है।

​बॉबी पंवार ने कहा कि पहाड़ी और संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में FDR जैसी तकनीकों को बिना पुख्ता धरातलीय जांच और ईमानदारी के लागू करना जनता के पैसों की सीधी बर्बादी है।

उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

बॉबी पंवार ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से देखा गया कि निर्माण कार्य के समय कभी-कभी क्षेत्रीय विधायक हाथ में रजिस्टर और पेन लेकर इस रोड़ पर दिखाई देते थे, बावजूद इसके उन्होंने कभी सड़क की बदहाली और गुणवत्ता की कमी को अपने संज्ञान में नही लिया।

​बॉबी पंवार ने कहा कि शासन में बैठे उच्च अधिकारियों और संबंधित विभाग को इस पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। ₹32 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में हुई अनियमितताओं, घटिया निर्माण सामग्री और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

​उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क की गुणवत्ता सुधारने और दोषियों पर कार्रवाई करने का काम नहीं किया गया, तो क्षेत्र की आक्रोशित जनता को साथ लेकर आंदोलन किया जाएगा।

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