
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
UTTARKASHI: जनपद में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को गति देने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने उन पात्र व्यक्तियों को एक और मौका दिया है जिनके आवेदन अभिलेखों की कमी के कारण लंबित हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र व्यक्ति अपने वांछित अभिलेखों के साथ 16 मई तक संबंधित तहसीलों में पुनः आवेदन जमा कर सकते हैं। सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्राप्त अभिलेखों का गंभीरता से परीक्षण करें।
तहसीलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर 20 मई को पुनः जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें पात्र आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आंदोलनकारियों के सम्मान और अधिकारों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रक्रिया के दौरान पात्र व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों को दी जाने वाली चिकित्सा एवं शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ नियमानुसार उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों को कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
इस अवसर पर दर्जधारी राज्य मंत्री जगत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, एसडीएम डुंडा देवानंद शर्मा, एसडीएम शालिनी नेगी, सीएमओ डॉ. बीएस रावत, आंदोलनकारी पृथ्वीराज कपूर, राजपाल पंवार, किताब सिंह रावत, हर्ष नरेश, आनंद सिंह पंवार, बाल गोविंद डोभाल, विजेंद्र जगूड़ी, राजेंद्र सिंह, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
”राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। 18 मई तक सभी तहसीलों को आंदोलनकारियों के साथ बैठक कर अपनी रिपोर्ट समिति को सौंपनी होगी।” — प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी



