भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा सांकरी-ओसला मोटर मार्ग : सीमेंट में मिलाई जा रही मिट्टी, विधायक के ‘वीडियो’ पर उठे सवाल

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मोरीUTTARKASHI: मोरी ब्लॉक के गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र के हरकीदून घाटी की जीवनरेखा कहे जाने वाले सांकरी-ओसला मोटर मार्ग के निर्माण में गुणवत्ता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हरकीदून घाटी के ग्रामीणों का आरोप है कि कार्यदायी संस्था और ठेकेदार द्वारा बजरी के स्थान पर सीमेंट में भारी मात्रा में मिट्टी मिलाकर निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह लापरवाही न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को भी दावत दे रही है।
आपदाग्रस्त आराकोट की तर्ज पर ‘मिट्टी का खेल’
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व आपदाग्रस्त क्षेत्र आराकोट में भी करोड़ों रुपये के पुनर्निर्माण कार्यों में मिट्टी मिलाने की शिकायतें सामने आई थीं। उस समय भी भारी जन-आक्रोश देखने को मिला था, लेकिन विडंबना देखिए कि शासन-प्रशासन द्वारा आज तक उन जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ऐसा प्रतीत होता है कि पुरानी गलतियों से सबक लेने के बजाय, भ्रष्ट तंत्र को शह दी जा रही है।
विधायक की कार्यशैली पर खड़े हुए प्रश्न
क्षेत्रीय जनता का कहना है कि जब भी ऐसी धांधली की शिकायत क्षेत्रीय विधायक से की जाती है, तो उनके द्वारा एक ‘नया फॉर्मूला’ अपनाया जाता है। विधायक संबंधित अधिकारियों को फोन लगाते हैं, उन्हें फटकार लगाते हुए अपना एक वीडियो शूट करवाते हैं और उसे सोशल मीडिया पर डाल देते हैं।
“सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर विधायक इतिश्री कर लेते हैं, लेकिन धरातल पर न तो काम की गुणवत्ता सुधरती है और न ही दोषियों पर गाज गिरती है।” इससे पूर्व भी विधायक दुर्गेश्वर लाल कुछ ऐसी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल चुके हैं।
जनता अब पूछ रही है कि क्या यह वीडियो केवल पब्लिसिटी स्टंट है? यदि विधायक वाकई गंभीर हैं, तो वे संबंधित विभाग के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के निलंबन की कार्रवाई क्यों नहीं करवाते?
हरकीदून घाटी के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच और गुणवत्ता नहीं सुधारी गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।



