मनरेगा मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम के विरोध में उतरकाशी जनपद के ग्राम प्रधान लामबंद, 13 अक्टूबर को ब्लॉक मुख्यालयों में बैठक का आयोजन
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बड़कोट uttarkashi: उत्तरकाशी जनपद के नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों ने मनरेगा में लागू किए गए मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम के विरोध में 13 अक्टूबर को विकासखण्ड मुख्यालयों में बैठक आयोजित कर सरकार को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया है। उन्होंने ऐसी अव्यवहारिक व्यवस्था को तत्काल वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत कोटी ठकराल के ग्राम प्रधान एम्पी सिंह ने बताया कि विषम भौगोलिक परिस्थिति के चलते अधिकांश गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं है। ऐसी स्थिति में नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी एक विषम भौगोलिक परिस्थिति वाला जनपद है, जहां लगभग 60 से 70% ग्राम पंचायतें नेटवर्क की गंभीर समस्या से जूझ रही हैं। इस कारण मनरेगा कार्यों के संचालन में लगातार कठिनाइयां आ रही हैं और ग्रामीण श्रमिकों को समय पर कार्य व भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस स्थिति को देखते हुए सभी प्रधान गणों ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया है कि 13अक्टूबर 2025 को मनरेगा ऑनलाइन सिस्टम का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा और ऑफलाइन प्रणाली को पुनः लागू करने की मांग की जाएगी, ताकि कार्यों में पारदर्शिता के साथ-साथ सुचारु रूप से क्रियान्वयन हो सके।
उन्होंने कहा कि ब्लॉक में जॉब कार्ड, मनरेगा फाइल और एस्टीमेट के लिए जो पैसे लिए जा रहे हैं उसका भी सभी प्रधान गण बहिष्कार करेंगे और ये प्रक्रिया भी निशुल्क हो। उन्होंने कहा कि अब रिश्वत और करप्शन बिल्कुल भी नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने जनपद के सभी ग्राम प्रधानों से अपील की है कि उतरकाशी जनपद के सभी ग्राम प्रधान 13अक्टूबर को अपने-अपने ब्लॉकों में मनरेगा ऑनलाइन सिस्टम के विरोध एवं ऑफलाइन प्रणाली को पुनः लागू करने के संबंध में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करेंगे।




