
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मोरीUTTARKASHI: जनपद के सीमावर्ती क्षेत्र फिताड़ी गांव में हुए भीषण अग्निकांड के दो सप्ताह बाद आज राहत और पुनर्वास की दिशा में बड़ा दिन है। जिले के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा आज प्रभावित गांव का दौरा करेंगे। उनके साथ क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल भी मौजूद रहेंगे।
तंज के बाद जगी उम्मीद की किरण
हाल ही में चकराता विधायक पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह चौहान द्वारा सरकार की कार्यप्रणाली पर कसे गए तंज के बाद प्रभारी मंत्री का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि विपक्ष के दबाव और पीड़ितों के दर्द को देखते हुए मंत्री जी किसी बड़ी राहत पैकेज की घोषणा कर सकते हैं।
राख के ढेर में बदली ‘विरासत’
फिताड़ी गांव में हुए इस अग्निकांड ने न केवल मकान जलाए, बल्कि सदियों पुरानी पहाड़ी वास्तुकला के प्रतीक बहुमंजिला पैतृक भवनों को खाक कर दिया। ग्रामीणों की जीवनभर की कमाई और पुरखों की निशानियां अब सिर्फ मलबे के रूप में बची हैं।
विधायक दुर्गेश्वर लाल से बड़ी उम्मीदें
फिताड़ी विधायक दुर्गेश्वर लाल का अपना गांव है। ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों का मानना है कि चूंकि विधायक स्वयं इसी माटी से जुड़े हैं, इसलिए उन्हें सरकारी सहायता के साथ-साथ व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर भी पीड़ितों के पुनर्वास के लिए आगे आना चाहिए। क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि विधायक आज सक्षम स्थिति में हैं और संकट की इस घड़ी में अपने ग्रामीणों का हाथ थामना उनका नैतिक दायित्व भी है।
विकास खंड मोरी के फिताड़ी गांव में 23 मार्च की रात भीषण अग्निकांड की घटना हुई थी। जिसमें 8 आवासीय भवन और 6 अन्न भंडार जलकर नष्ट हो गए। हादसे में 3 गायों की भी आग की चपेट में आने से मौत हो गई थी। प्रभावित परिवारों को रहने एवं भोजन आदि व्यवस्था हेतु प्रशासन द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालय फिताड़ी में राहत शिविर बनाया गया है।
यक्ष प्रश्न : क्या प्रभारी मंत्री का यह दौरा केवल सांत्वना तक सीमित रहेगा या फिताड़ी के राख हो चुके सपनों को फिर से संवारने के लिए कोई ठोस योजना धरातल पर उतरेगी?



