प्रकृति का सफेद श्रृंगार: मार्च में पहाड़ों पर भारी बर्फबारी, मैदानों में लौटी ठिठुरन

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
पुरोलाuttarkashi : मार्च के महीने में जहां देश के अधिकांश हिस्सों में गर्मी ने दस्तक दे दी है, वहीं हिमालय की ऊंची चोटियों पर कुदरत का अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है। पिछले 48 घंटों से हो रही भारी बर्फबारी ने पूरे पहाड़ी क्षेत्र को चांदी जैसी सफेद चादर से ढक दिया है।
उत्तराखंड में एक बार फिर से मौसम ने करवट ली है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भारी बर्फबारी हो रही है, जिससे एक बार फिर कड़ाके की ठंड लौट आई है, मौसम विभाग ने पहले ही राज्य में बदलाव की संभावना जताई थी।
उत्तराखंड में मार्च के महीने में दूसरी बार गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, हरकीदून, केदारकांठा, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, औली, हर्षिल जैसे कई ऐसे ऊंचाई वाले क्षेत्र हैं जहां पर दूसरी बार बर्फ गिरी है, इसके अलावा उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि और बारिश भी हुई है, कई जगह पर ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। वैसे तो मौसम विभाग मार्च के महीने में होने वाली बारिश और बर्फबारी को सामान्य घटना बता रहे हैं।
लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब चारों धाम में यात्रा की तैयारियों पर भी साफ नजर आने लगा है। भारी बर्फबारी के चलते व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में दिक्कतें सामने आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बर्फबारी थमने के आसार कम हैं. जिस तरह से मौसम का रुख बना हुआ है, उससे आने वाले दिनों में भी बर्फबारी जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. सीएस तोमर का कहना है कि उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। बिजली गिरने और ओलावृष्टि के भी आसार हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा से बचें और सतर्क रहें।



