डीएम ने शिक्षकों की तैनाती के मौके पर ही किए आदेश : ग्रामीणों ने की सराहना
ग्रामीणों की मांग पर डीएम का एक्शन, सट्टा गांव में तीन दिन लगेगा आधारकार्ड, राशन कार्ड, केवाईसी शिविर

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
दोणी uttarkashi: सीमांत विकास खंड मोरी के दूरस्थ दोणी गांव में आयोजित जन-जन की सरकार,जन के द्वार, प्रशासन चला गांव की ओर अभियान में जन सैलाब उमड़ा। सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत विभिन्न विभागों की लाभप्रद योजनाएं घर पर मिलने पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की। शुक्रवार को जिले के सुदूरवर्ती दोणी गांव में क्षेत्रीय विधायक दुर्गेश्वर लाल की उपस्थिति में जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य की अध्यक्षता में शिविर आयोजित हुआ। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की व्यथाओं और अपेक्षाओं को आत्मीयता से सुना तथा संबंधित अधिकारियों को तत्परता से समाधान के निर्देश दिए। शिविर में सड़क, शिक्षा, पेयजल, विद्युत, संचार, खाद्य आपूर्ति आदि से सम्बंधित कुल 67 समस्याएं/शिकायतें दर्ज हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों की उपस्थिति में अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को राहत प्रदान की।
डीएम ने विभागीय स्टालों का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को प्रदान की और पात्र लाभार्थियों को आवश्यक प्रमाण-पत्र एवं सुविधाएं उपलब्ध कराई। वर्षों से छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान हेतु लंबी दूरी तय करने को विवश ग्रामीणों के लिए यह शिविर किसी संजीवनी से कम नहीं रहा। ग्रामीणों के चेहरों पर झलकती संतुष्टि इस पहल की सफलता का प्रमाण बनी।
शिविर में ग्रामीणों ने विभिन्न जनसमस्याएँ प्रमुखता से उठाईं
सट्टा निवासी चंद्रमणि रावत ने मसरी पीएमजीएसवाई सड़क मार्ग से मलबा आने के कारण सेब के पेड़ों को हुए नुकसान पर मुआवजा देने की मांग की। इस पर अधिशासी अभियंता ने बताया कि प्रतिकर संबंधी प्रस्ताव मुख्य अभियंता को भेजा जा चुका है। ग्रामीणों ने पशुचारा लाने हेतु सिलान नामे तोक में लकड़ी का पुल निर्माण की मांग रखी। विधायक ने उप निदेशक गोविंद वन्य जीव विहार को ग्रामीणों के हक-हकूक को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मसरी ग्राम प्रधान ने मसरी एवं खन्यासणी में पेयजल संकट का मुद्दा उठाया, जिस पर विधायक ने जिलाधिकारी से जांच कराने का अनुरोध किया। जगदीश कुंवर ने दोणी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग की। जिलाधिकारी ने कहा कि पीएचसी का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जा चुका है। सेवा गांव में पंचायत भवन निर्माण की मांग पर विधायक ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ग्राम प्रधान कमला देवी ने सेवा,बरी गांव से हिमाचल प्रदेश के डोडरा क्वार तक सड़क मार्ग निर्माण की मांग उठाई। विधायक ने अवगत कराया कि उक्त मार्ग को केंद्र से वन्य जीव विहार की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है तथा पीएमजीएसवाई द्वारा डीपीआर तैयार कर ली गई है। वन विभाग की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया है और द्वितीय या तृतीय चरण में कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। मोटर पुलों के संबंध में विधायक ने जानकारी देते हुए कहा कि दोला एवं गियांगाड़ में मोटर पल के लिए 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, जो क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात है।
ग्राम प्रधान प्रमिला देवी हड़वाड़ी ने आपदा से क्षतिग्रस्त धौला-दाताधार पैदल मार्ग को सुचारू कराने की मांग की। यह मार्ग हिमाचल प्रदेश की पांच पंचायतों के लिए भी महत्वपूर्ण आवागमन का साधन है। विधायक ने गोविंद वन्य जीव विहार को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
राजीव कुंवर ने भीतरी, खन्यासणी एवं सेवा बरी गांवों में शिक्षकों की तैनाती की मांग की। उन्होंने बताया कि मसरी में 49 तथा बरी में 40 छात्र होने के बावजूद शिक्षक तैनात नहीं हैं। इस पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खंड शिक्षाधिकारी को एक मार्च तक शिक्षकविहीन विद्यालयों में तैनाती सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही निर्देशित किया कि जहां छात्र संख्या कम और शिक्षक अधिक हैं,वहां से समायोजन किया जाए। बेनोल-नैटवाड़ बाईपास मार्ग पर नैटवाड़ में वैली ब्रिज निर्माण की मांग पर विधायक ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों की मांग पर जिलाधिकारी ने सट्टा गांव में आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं केवाईसी संबंधी कार्यों के लिए 26, 27 और 28 फरवरी को तीन दिवसीय विशेष शिविर आयोजित करने की घोषणा की। जगदीश कुंवर ने भीतरी में लो वोल्टेज की समस्या तथा स्याड़ी व बताणु तोक में खराब विद्युत ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख रणदेव राणा, ज्येष्ठ प्रमुख त्रेपन राणा, जिला पंचायत सदस्य अनुपराज, उमराल सिंह चौहान, राजीव कुंवर,रणदेव सिंह कुंवर, सुखदेव सिंह राणा, सुर्तीलाल बरसियाण, सूरत सिंह रावत सहित उप निदेशक गोविंद वन्य जीव विहार निधि सेमवाल, सीएओ एसएस वर्मा,सीवीओ एचएस बिष्ट,सीएचओ डॉ रजनीश सिंह,पर्यावरण विशेषज्ञ स्वजल प्रताप मटूड़ा, ईई जल संस्थान विनोद पांडे, ईई पीएमजीएसवाई योगेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।



