लोकतंत्र की अनूठी मिसाल: मुख्य चुनाव आयुक्त ने गंगोत्री में साधु-संतों के बूथ को सराहा, हर्षिल की बीएलओ मिंटो देवी को किया ‘सेल्यूट’

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
उत्तरकाशी: भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को सीमांत जिले उत्तरकाशी के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भारत-चीन सीमा से सटे हर्षिल और गंगोत्री धाम में मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का जायजा लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने गंगोत्री धाम में मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना कर देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की।
दौरे के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने सीमांत गांव हर्षिल की बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मिंटो देवी के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मिंटो देवी की कार्यकुशलता और तकनीकी समझ की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि वे पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। मिंटो देवी स्मार्टफोन पर ‘बीएलओ ऐप’ का इस्तेमाल कर मतदाता सूची के शुद्धीकरण (एसआईआर कार्य) को बखूबी अंजाम दे रही हैं। वे सूची से अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृतक, डुप्लीकेट और विदेशी नागरिकों के नाम हटाने के साथ-साथ, 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए युवाओं के नाम जोड़ने का काम मुस्तैदी से कर रही हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने गंगोत्री पोलिंग बूथ का भी निरीक्षण किया और वहां रहने वाले साधु-संतों व संन्यासी मतदाताओं के साथ काफी देर तक विस्तृत संवाद किया। गंगोत्री में एक ऐसा पोलिंग बूथ है जहां शत-प्रतिशत मतदाता केवल साधना में लीन रहने वाले साधु-संत हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने दुर्गम परिस्थितियों और कड़ाके की ठंड के बीच भी चुनावी उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए संतों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इसे भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था की विविधता और ताकत की एक अनूठी मिसाल है।
इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, संयुक्त सचिव निर्वाचन किशन सिंह नेगी, एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम शालिनी नेगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
“मिंटो देवी जैसे बीएलओ की कर्तव्यनिष्ठा को चुनाव आयोग सेल्यूट करता है। मुझे पूरा विश्वास है कि देश भर के सभी बीएलओ इनसे प्रेरणा लेकर इसी तरह तकनीक के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।”— ज्ञानेश कुमार, मुख्य चुनाव आयुक्त



