
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
Uttarkashi: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएँ स्थापित की गई हैं। इन प्रयोगशालाओं में जिले के किसान अपने खेतों की मिट्टी के नमूने देकर उनकी निशुल्क जाँच करवा सकते हैं। जाँच के परिणामों के आधार पर प्रत्येक किसान के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड तैयार किया जाता है। कार्ड में मिट्टी में उपलब्ध 16 आवश्यक पोषक तत्वों का विवरण दर्ज होता है। इसके साथ ही यह बताया जाता है कि किसान कौन-सी फसल लेना चाहते हैं, उस फसल के लिए मिट्टी में कितने पोषक तत्व होने चाहिए और वर्तमान स्तर में कितना अंतर है। पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए कौन-सी खाद, कितनी मात्रा में और किस प्रकार उपयोग करनी है, यह सभी सुझाव भी मृदा स्वास्थ्य कार्ड में अंकित किए जाते हैं।
इस वैज्ञानिक परीक्षण से किसानों को यह स्पष्ट जानकारी मिलती है कि उनकी मिट्टी में कौन-से तत्वों की कमी है तथा उसे जैविक या रासायनिक खाद के माध्यम से कैसे सुधारा जा सकता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को फसल चयन, खाद प्रबंधन और उन्नत उत्पादन में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। जनपद उत्तरकाशी के किसानों को भी इस मृदा परीक्षण व्यवस्था से खेती करना पहले की तुलना में और अधिक आसान हो रहा है। सटीक पोषक तत्वों की जानकारी मिलने से किसान कम लागत में अधिक उपज प्राप्त कर सकते हैं तथा खेतों की उर्वरता को बनाए रखते हुए वैज्ञानिक तरीके से खेती को आगे बढ़ा रहे हैं।



