राज्य में 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट को हुए तीन साल : अब तक 362966 पशुओं का किया जा चुका उपचार
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
Dehradun: राज्य में 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट को तीन साल पूरे हो गए हैं, राज्य के पशुपालक 1962 एमवीयू (मोबाइल वेटरनरी यूनिट) का लाभ उठा रहे हैं। घर पर ही मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन के माध्यम से पशुओं को निशुल्क चिकित्सा सुविधा मिल रही है। 16 नवंबर 2022 से राज्य में शुरू हुई इस योजना में अब तक कुल 362966 पशुओं का निशुल्क उपचार किया जा चुका है।

16 नवंबर 2022 को राज्य में शुरू हुई इस योजना में पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 60 मोबाइल पशु चिकित्सा वाहन को हरी झंडी दिखाई थी। योजना का उद्देश्य राज्य के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले पशुपालकों को उनके घर पर ही पशुओं के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा प्रदान करना है।

प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 1962 पशु एंबुलेंस सेवा प्रदेश के पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है। पशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ ही पशु एंबुलेंस सेवा ने पशुपालकों की जिंदगी आसान बना दी है। यह सेवा न केवल पशुओं के इलाज में मदद कर रही है बल्कि पशुपालकों को अपने पशुओं को पशु चिकित्सालय ले जाने की झंझट से भी बचा रही है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से प्रदेश में पशुपालन की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है। विशेष रूप से राज्य में डेयरी पशुपालन और मुर्गीपालन में वृद्धि देखी जा रही है, इतना ही नहीं दूध, मांस आदि पशुधन उत्पादन में भी जबरदस्त वृद्धि देखने को मिल रही है।

मोबाइल वेटरनरी यूनिट को कार्य करते हुए तीन साल पूरे होने पर पशुपालन विभाग के निदेशक डॉक्टर उदय शंकर ने एमवीयू की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूनिट का कार्य बहुत ही सराहनीय है एवं आगे भी इसी तरह दूरस्त क्षेत्र के पशुपालकों को अपनी सेवाएं देते रहेंगे।
इस अवसर पर एमवीयू के राज्य प्रभारी आशीष नेगी ने कहा कि पशुपालक इसका काफी लाभ उठा रहे हैं। राज्य के सुदूरवर्ती क्षेत्र के किसी भी पशुपालक को परेशानी न हो, पूरी टीम इसका ध्यान रखती है।




